Cycle Girl Jyoti Kumari’s father passed away: बीते वर्ष के लॉक डाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों का दर्द कभी नहीं भूला जा सकता है। पिछ्ले साल के लॉकडाउन के समय जब बिहार की 15 वर्षीय जाबांज लड़की ने अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर दिल्ली से दरभंगा का सफर तय किया था, तो वह सोशल मीडिया पर बहुत ही सराही गईं थी और साथ ही लोगों ने सरकार को कोसा भी था.
आज ज्योति कुमारी के पिता मोहन पासवान (Mohan Paswan) का हार्ट अटैक की वजह से मृत्यु हो गई है, जिस मासूम ने लोगों को जीने का और विषम परिस्थितियों से लड़ने का हौंसला दिया वह आज दुखों का बोझ ढ़ोने को मजबूर है. ज्योति के बुलंद हौंसले के लिए उसे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 से भी सम्मानित किया गया है.
भारत ही नहीं विदेश के भी लोगों ने ज्योति के हौंसले को सलाम किया था, ट्रांसपोर्टेशन के लिए जेब में पैसा नहीं था तो बेटी ने बीमार पिता को दिल्ली से बिहार लाने की ठानी थी. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रंप ने भी ज्योति कुमार पासवान के इस कारनामे को सराहा था.
7 दिनों के सफर में दिन रात साइकिल चलाकर, कभी कभार कहीं पर विश्राम कर ज्योति (Jyoti Kumari) व उसके पिता मोहन पासवान बिहार के दरभंगा पहुंचने में कामयाब हुए थे. कोरोना की पहली लहर में अचानक सब कुछ बंद हो पड़ा, प्रवासी पैदल सड़कों पर चलने को मजबूर थे, शहरों में लोग परेशान.
बीमार पिता की हालत जब ज्योति से नहीं देखी गई तो उसने 4 सौ रुपए में पुरानी साइकिल खरीदी और निकल पड़ी दरभंगा के गांव सिरहुल्ली, उसके कारनामे को दुनिया ने सलाम किया. बड़ी दुःख की बात है कि एक साल बाद वह पिता को खो चुकी है, वह दिल्ली में ऑटो चलाकर घर की देखरेख किया करते थे लेकिन एक्सीडेंट में काफी चोट आने की वजह से उनकी हालत बेहद तंग थी.
