लखनऊ:देश में ईद - उल - अजहा यानी बकरीद का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जाएगा । कोरोना संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बकरीद और जानवरों की कुर्बानी के लिए गाइडलाइन जारी की है । इसके तहत किसी भी धार्मिक स्थल में सामूहिक रूप से भीड़ इकट्ठा न की जाए । सभी लोगों को घर में ही नमाज अदा करनी होगी । मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा नहीं की जाएगी । दरअसल , सावन के आखिरी सोमवार को ही बकरीद पड़ रही है , लिहाजा पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं । कहा गया है कि कुर्बानी खुले में नहीं होगी , साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी । धर्मगुरुओं से भी अपील की गई है कि वे इस गाइडलाइन के बाबत लोगों को जागरूक करें
शुरू हुुई राजनीति
वहीं संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क इन मुश्किल हालात में भी बकरीद पर मस्जिदों में नमाज की मांग कर रहे हैं । इस पर बीजेपी विधायक संगीत सोम ने उन्हें जेल भेजने तक की धमकी दे डाली । उन्होंने कहा कि कोई उनके नमाज पढ़ने पर पाबंदी नहीं लगा सकता । बड़े त्यौहार के दिन मुसलमान बाजारों में जाकर जानवर खरीद कर लाते रहे है , लेकिन अब जानवरो के बाजार ही नहीं लग रहे है । ऐसे में त्यौहार कैसे हो सकता है । पाबंदी लगाना ठीक नहीं है ।
करना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
गाइडलाइन में कहा गया, 'पुलिस लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जागरूक करे। सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए रखें, भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी छोटी से छोटी घटना को गंभीरता से लें।’
गाइडलाइन के कुछ बिन्दु
बकरीद को लेकर डीजीपी ने सभी जिलों को दिए निर्देश.
धर्म गुरुओं के जरिए सामूहिक नमाज अदा न करने के लिए करें लोगों को प्रेरित।
लोगों को लाउडस्पीकर के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए किया जाए प्रेरित।
हर छोटी सूचना पर पुलिस पहुंचे, मौके पर की जाए कार्रवाई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज और अफवाहों पर रखें नजर।
अफवाह फैलाने वालों पर मुकदमा दर्ज कर की जाए त्वरित कार्रवाई।
संवेदनशील इलाकों में पुलिस करें पेट्रोलिंग, करे रूट मार्च।
