बिहार के रॉबिनहुड गुप्तेश्वर पांडेय 11 साल पहले भी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, इस कारण नही लड़ पाए थे चुनाव

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अपना VRS बिहार सरकार को सौप दिया है और वह बिहार विधानसभा 2020 के चुनाव में कूद गए है इससे पहले भी वो 11 साल पहले अपना चुनावी मैदान में कूद चुके थे। गुप्तेश्वर पांडेय 11 साल पहले भी VRS लेते लेते चुनाव में उतरे थे लेकिन उन्हें उस वक़्त धोका मिला था। उस वक़्त भी वो बक्सर से लोकसभा का चुनाव लड़ते चाहते थे जिसके लिए बीजेपी से उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने की आशंका थी। लेकिन फिर उन्हें किसी कारण वश टिकट नही मिल पाया था।

आपको बता दे कि 2009 में गुप्तेश्वर पांडेय आईपीएस की नौकरी से vrs लेते लेते रह और बीजेपी से उन्हें टिकट मिलने वाला था, लेकिन ऐन समय पर बीजेपी अपने वादे से मुकर गई और किसी और को टिकट दे दिया।

इसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय हाट मलते राह गए और लंबे समय तक नौकरी से भी बाहर रहने पड़ा। इसके बाद फिर वो नौकरी पर वापस आ गए और इसके बाद उन्हें 31 जनवरी 2019 को उन्हें बिहार का डीजीपी बना दिया गया। DGP बनने के बाद भी वो ऐसे ऐसे बयान देते रहते थे जो राजनीतिक होते थे और विपक्ष उन पर लगातार हमलावर रहता था यहाँ तक कि कई बार उन्हें पार्टी का प्रवक्ता भी कह दिया गया था। शिव सेना के प्रवक्ता संजय राउत ने भी सुशांत मामले ये आरोप लगाया था कि गुप्तेश्वर पांडेय बिहार की राजनीति में उतार कर चुनाव लड़ना चाहते है।

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