गांव, गरीब एवं किसानों को सक्षम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता -कृषि मंत्री श्री पटेलगरीब

अक्षत तिरवार की रिपोर्ट 
 उज्जैन 22 सितम्बर। गांव, गरीब एवं किसानों को सक्षम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के साथ धोखाधड़ी करना अपराध की श्रेणी में आता है। किसान खुशहाल होगा तो प्रदेश खुशहाल होगा। प्रदेश की मंडियों को स्मार्ट मंडियां बनायेंगे। जिस प्रकार मिलेट्री कैम्पस में सैनिकों के लिये सब सामान की सुविधाएं उपलब्ध रहती है, उसी तरह मंडियों में किसानों के लिये भी सर्वसुविधायुक्त स्मार्ट मंडियां बनाई जायेंगी।
  इस आशय के विचार किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल ने आज कालिदास अकादमी परिसर स्थित संकुल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में गरीब कल्याण सप्ताह अन्तर्गत ‘सबको साख, सबका विकास’ कृषकों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को क्रेडिट कार्ड/ऋण राशि वितरण कार्यक्रम में व्यक्त किये। इस अवसर पर भोपाल से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के प्रत्येक जिलों में आयोजित कार्यक्रमों को ऑनलाइन के माध्यम से सम्बोधित कर प्रदेश पांच जिलों के कृषकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत किसानों को साल में तीन किश्तों में छह हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। इस राशि में वृद्धि की जाकर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि वे मध्य प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को चार हजार रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे। इस प्रकार अब भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा किसानों को 10 हजार रुपये की किसान सम्मान निधि राशि उपलब्ध कराई जायेगी।
 कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि वे किसान पुत्र हैं और उन्हें प्रदेश के मुखिया ने कृषि मंत्रालय का दायित्व सौंपा है। इस हेतु वे किसानों के कल्याण की सोच रखते हुए किसानों के हित में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती नहीं होती तो आमजन जिन्दा नहीं रहता। इसलिये किसानों के लिये हरसंभव उनकी मदद करने का दायित्व सरकार का है। किसानों के कल्याण के लिये जितनी भी योजनाएं बनाई जायेगी, वे योजनाएं उनके हित के लिये होंगी। किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। खेती देश की आत्मा है और किसान प्राण। पूर्व में किसान साहुकारों से ब्याज पर ऋण लेते थे और ऋण न चुका पाने के कारण किसानों की दयनीय स्थिति हो जाती थी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शून्य प्रतिशत पर किसानों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार किसानों के साथ-साथ गरीब तबके को भी आगे बढ़ाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। शून्य प्रतिशत पर पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को भी ऋण उपलब्ध कराया है। देश में कोरोना महामारी के संकट में भी कृषकों ने कृषि उत्पाद में वृद्धि कर देश को खड़ा रखा है। भारत सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार किसानों के कल्याणार्थ नित-नई योजनाएं लागू की जा रही है।
कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि सहकारिता की साख बनी रहे, इसलिये आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन केसीसी वितरण एवं कृषकों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने हेतु सहकारी बैंक/सहकारी समितियों को 800 करोड़ रुपये की शासकीय सहायता उपलब्ध कराई है। कृषि मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित उज्जैन द्वारा सबको साख, सबका विकास योजना अन्तर्गत शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर संबद्ध 172 प्राथमिक कृषि साख संस्थाओं के माध्यम से खरीफ-2020 में 69 हजार से अधिक कृषकों को 502 करोड़ रुपये अल्पावधि कृषि ऋण का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर एवं गांव की खाई को पाटना होगा। जिस तरीके से शहरों का विकास हो रहा है, उसी तरह गांवों का भी विकास किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। बिचौलियों को दूर कर पारदर्शिता के साथ सीधे हितग्राही के खाते में पैसा जमा हो रहा है, यही सरकार की मंशा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियां हर हालत में बन्द नहीं होगी। मंडियों के कार्यों में सुधार हो रहा है। अनलिमिटेड समर्थन मूल्यों पर कृषि उत्पाद खरीदा जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक श्री पारस जैन ने भी कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को सम्बोधित किया और उन्होंने कहा कि पहले से अब सिंचाई का रकबा बढ़ा है। आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान सम्मान निधि राशि में वृद्धि की है, वह प्रशंसनीय है। इस वर्ष प्रदेश में रिकार्ड तोड़ गेहूं खरीदी हुई है। श्री जैन ने कृषि मंत्री से मांग की कि वे मंडी टैक्स 50 पैसे कर दी जाये। इस अवसर पर श्री राजपालसिंह सिसौदिया ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पशुपालन, मत्स्य पालन हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना अन्तर्गत ऋण राशि प्रतीकात्मक रूप से वितरित की। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री लालसिंह राणावत, श्री किशनसिंह भटोल, श्री राजपालसिंह सिसौदिया, श्री बहादुरसिंह बोरमुंडला, श्री विवेक जोशी, श्री शक्तिसिंह चौधरी, श्री केशरसिंह पटेल, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, कृषि विभाग के उप संचालक श्री सीएल केवड़ा, सहकारिता विभाग के उपायुक्त सहित किसान, अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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