जानिए रावण के महल के बारे में, क्यों था इतना वैभवशाली और क्या है खास

सिगिरिया पर्वत यानी रावण का महल  - जिसे वामपंथी इतिहासकारों ने मिथ्या साबित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। लेकिन सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजीत नही।आप सुन्दर काण्ड में जैसे ही पढ़ेंगे कि रावण का महल त्रिकुट पर्वत पर स्थित था। महल के चारों ओर घना जंगल था. उसके महल तक पहुँचना आसान नहीं था. तब आपके मस्तिष्क में श्रीलंका के सिगिरिया पर्वत का दृश्य स्वतः ही उपन्न हो जाएगा ।
पुरातात्विक साक्ष्यों और ऐतिहासिक ग्रंथो के आधार पर कुछ इतिहासकारों ने इसी पर्वत को रावण का निवास स्थान माना है ।
 इस पवर्त के ऊपर महल के अवशेष, आसपास के खंडहर और गुफाओं को देखकर आप इसी निष्कर्ष पर आएंगे की श्रीलंका के इतिहास में रावण के अलावा कोई और राजा ऐसा नहीं हो सकता जिसके पास इतना वैभवशाली महल बनवाने की क्षमता रही हो ।
इस बात की पुष्टि ना केवल श्रीलंका के जनमानस में फैली किवदंतियां बल्कि प्रसिद्ध इतिहासकार मिरांडा ओबेसकेरे की किताब भी करती है उन्होंने पुरात्तात्विक साक्ष्य को आधार बताते हुए अपनी किताब “रावना, किंग ऑफ़ लंका” में यह लिखा है कि, “यूँ तो रावण का साम्राज्य मध्य श्रीलंका में, बदुल्ला, अनुराधापुरा, केंडी, पोलोन्नुरुवा और नुवारा एलिया तक फैला हुआ था मगर, रावण ख़ुद सिगिरिया में रहता था ।
पवर्त के सामने पत्थरों से निर्मित सिंह के दो विशाल पंजे इस महल के यौवन के दिनों की भव्यता को दर्शाते हैं । यह महल इतना सुरक्षित हैं की यहां तक पहुँचने के लिए लोहे की आधुनिक सीढ़िया लगानी पड़ी । पर्वत के नीचे कई गुफाएँ निर्मित हैं जिनमें प्रवेश प्रतिबंधित है । कहा जाता है कि इन्ही गुफाओं में से किसी एक में रावण ने माँ सीता को बंधक बना कर रखा था ।
आज भले ही भारत के वामपंथी इतिहासकार रामायण को काल्पनिक साबित करने की कोशिश करते हैं लेकिन श्रीलंका के बच्चा बच्चा जानता है कि वहाँ राम आये थे ।

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