आज पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। इस बार चतुर्थी तिथि 21 अगस्त दिन शुक्रवार की रात 11 बजकर 02 मिनट से 22 अगस्त 2020 दिन शनिवार को शाम 07 बजकर 57 मिनट तक है। इस बार की गणेश चतुर्थी प्रत्येक वर्ष की तरह सामान्य नहीं होगी। कोरोनावायरस (Covid 19) के कारण सभी प्रदेशों की सरकारों ने कुछ प्रतिबंधों के साथ गणेश उत्सव मनाने का आदेश दिया है।
दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करने से मना कर दिया है। नियमों को उल्लंघन करने वालों पर 50,000 रुपये जुर्माना लगेगा। यमुना, किसी जलाशय, सार्वजनिक स्थल, तालाब या घाट पर प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं है। आर्टिफीशियल कुंड में प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक है। घर में ही बाल्टी या किसी अन्य बर्तन में विसर्जन का आदेश।
तेलंगाना, यूपी और मध्य प्रदेश
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया है कि गणेश उत्सव पर सार्वजनिक स्थानों पर कहीं भी पूजा पंडाल में कोई भी मूर्ति स्थापित नहीं की जाएगी। न ही कहीं शोभायात्रा निकाली जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी गणेश उत्सव में सार्वजनिक पंडाल लगाने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। धार्मिक स्थानों पर 5 से अधिक लोगों के जमा होने पर पाबंदी भी है। मूर्तियों के लिए बड़े पंडाल लगाने की अनुमति नहीं है। केवल एक या दो लोगों को ही मूर्तियों के विसर्जन हेतु जाने की अनुमति दी गई है। तेलंगाना में लोगों को घर पर ही गणेशोत्सव मनाने की सलाह है।सार्वजनिक स्थानों पर उत्सव की अनुमति नहीं है।
तमिलनाडु
- सार्वनिक स्थलों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना, सार्वजनिक जुलूस और विसर्जन को अनुमति नहीं।
- लोगों से घर पर ही गणेश चतुर्थी मनाने की अपील की गई।
आंध्र प्रदेश
- भक्तों से घर पर ही पूजा करने का अनुरोध किया गया है।
- हालांकि पूजा के लिए मंदिर सभी एहतियातों जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना आदि के साथ खुले रहेंगे ।
कर्नाटक
कर्नाटक सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर सेलिब्रेशंस को अनुमति दी है लेकिन प्रतिबंधों के साथ।सार्वजनिक स्थलों के गणपति की उंचाई मैक्सिमम 4 फीट और घर पर लाए जाने वाली गणेश प्रतिमा मैक्सिमम 2 फीट हो सकती है।राज्य सरकार ने प्रति वार्ड या प्रति गांव एक गणेश पंडाल को अनुमति दी है।आयोजकों को एक वक्त पर 20 लोगों तक को ही अनुमति देने की सलाह है।सार्वजनिक जुलूस को अनुमति नहीं है।मूर्तियों का विसर्जन घर पर ही करने का निर्देश है।पंडालों को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन लोकैलिटी के अंदर ही करने का निर्देश है।सभी भक्तों को मास्क पहने रखने होंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करना होगा।
गोवा
गोवा सरकार ने पंडालों को गणेश उत्सव को डेढ़ दिन तक ही सीमित रखने का निर्देश दिया है।रीति-रिवाजों में हिस्सा लेने के लिए एक वक्त पर 10 लोग तक को ही अनुमति है।घर पर उत्सव पारिवारिक सदस्यों तक सीमित रहेगा।कंटेनमेंट जोन्स में उत्सव की अनुमति नहीं।सार्वजनिक जुलूस की अनुमति नहीं।विसर्जन में परिवार के केवल दो सदस्य होंगे।विसर्जन के लिए लोगों को अपने वाहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है।विसर्जन शाम 5 से रात 10 बजे तक किया जा सकेगा और इसके बाद भीड़-भाड़ की अनुमति नहीं है।
महाराष्ट्र
सेलिब्रेशंस के लिए सभी मंडलों को संबंधित प्राधिकरणों से पहले से अनुमति लेना जरूरी है।गणेश मूर्ति की ऊंचाई 4 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।घर पर स्थापित किए जाने वाले गणपति की ऊंचाई 2 फीट से अधिक नहीं हो सकती। लोगों को सलाह है कि घर पर मेटल या मार्बल की गणेश मूर्ति रखें।घर पर स्थापित मिट्टी से बनी गणेश मूर्तियों का विसर्जन घर पर ही या समीप के आर्टिफीशियल कुंड में होगा।मंडलों को सलाह है कि वे गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन फरवरी में माघी गणेश चतुर्थी या अगले साल के गणेश चतुर्थी उत्सव तक स्थगित करें।गणपति लाने और विसर्जन के दौरान जुलूस पर पांबदी है।प्रतिदिन की आरती के लिए भीड़ को अनुमति नहीं है ।
