चारा घोटले के जांच में शामिल रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी गिरफ्तार, 25 लाख रिश्वत लेने का था आरोप

लालू प्रसाद यादव और राजद के समय मे हुए चारा घोटाले के केस में जांच में शामिल रहे पुलिस अधिकारी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। आईपीएस अधिकारी एनएमपी सिन्हा हाल में ही रिटायर हुए थे। ये चारा घोटले के कई केस की जांच में शामिल थे। उनके ऊपर कुल 25 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।
अपने ही अधिकार रहे सिन्हा को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

आईपीएस अधिकारी एनएमपी सिन्हा जिस विभाग में काम करते थे, उनके ही विभाग ने यानी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बारे में जांच अधिकारियों ने बताया कि पूर्व आईपीएस अधिकारी सिंह को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया है और साथ ही साथ रिश्वत का धन भी बरामद हुआ है। सिन्हा के 8 ठिकानों पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की है। सीबीआई अधिकारियों ने दिल्ली, नोयडा, फरीदाबाद, गाज़ियाबाद और रांची में 8 ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान उनके साथ एक और व्यक्ति को भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया है। दावा ये है कि दूसरा शख्स जिसे गिरफ्तार किया गया है उसने ही रिश्वत का पैसा दिया था। 

एसपी पद पर थे तैनात

जांच में तैनात अधिकारियों ने कहा की अगस्त में रिटायर होने वाले सिन्हा आर्थिक अपराध शाखा में एसपी थे। उषा मार्टिन प्रकरण से जुड़े 25 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में सिन्हा ने कंपनी के प्रतिनिधि से रिश्वत में कुल 25 लाख रुपये की मांग की थी। जिसके बाद सीबीआई ने उषा मार्टिन और झारखण्ड खदान विभाग के निदेशक पड़ पर रहे आईडी पासवान के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस कंपनी ने सन् 2005 में सिंहभूम पश्चिम में कच्चा लोहा प्लांट के इस्तेमाल के नाम पर खदान को लीज पर लिया था, लेकिन इस कंपनी ने लोहा प्लांट में काम ही नही किया। इसको लेकर झारखंड की सरकार ने ही केस दर्ज करवाया था। गिरफ्तार आईपीएस अधिकारी सिन्हा मूल रूप से आरा के रहने वाले है और वह चारा घोटाले के जांच के समय धनबाद में तैनात थे।

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