बीजेपी ने भी नही दिया गुप्तेश्वर पांडेय को बक्सर से टिकट, किया दूसरे उम्मीदवार के नाम का एलान

बिहार विधानसभा चुनाव नित्य नए नए मोड़ ले रहा है, चुनावी उठापटक रोज़ नए नए तरीके से हो रहा है। ऐसे में बिहार के रॉबिनहुड और पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय जो कि पहले जदयू और उसके बाद बीजेपी में शामिल हुए थे। बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए ही डीजीपी पद से इस्तीफ़ा दिया था। पहले गुप्तेश्वर पांडेय जो जदयू ने टिकट देने से इनकार कर दिया था, अभी बीजेपी ने भी टिकट देने से साफ इनकार करती दिख रही है।बक्सर से बीजेपी ने दूसरे नाम का एलान कर दिया है उसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय के दफ्तर में आज ताला लटक गया है।
बिहार के रॉबिनहुड सियासत में फेल

बिहार के रॉबिनहुड गुप्तेश्वर पांडेय ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पिछले महीने में जल्दबाजी में वीआरएस ले लिया था। इसी के मद्देनजर गुप्तेश्वर पांडेय ने बकायदा जदयू की सदस्यता ग्रहण की उसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय के लोगो ने बक्सर जिले में अपना चुनावी कार्यालय भी खोल लिया था। यहाँ तक कि प्रचार भी शुरू हो गया था कि बक्सर में गुप्तेश्वर पांडेय ही बक्सर से एनडीए के उम्मीदवार होंगे।

पांच दिन पहले ही जदयू ने किया था इनकार

जदयू के सूत्रों की माने तो पांच दिन पहले ही जदयू पार्टी ने उन्हें बता दिया था कि उन्हें टिकट नही मिलने वाला। सूत्रों के मुताबिक गुप्तेश्वर पांडेय रात में मुख्यमंत्री आवास पहुँचे थे और वहाँ उन्हें साफ कर दिया गया था कि उन्हें बक्सर विधानसभा सीट से टिकट नही मिलने वाला है। इसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने बेगूसराय विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी ठोकी थी उसके बाद नीतीश कुमार उनसे नाराज़ हो गए थे।

बीजेपी में भी जुगाड़ काम नही आया

 बीजेपी के एक नेता के मुताबिक जदयू से टिकट के लिए गुप्नतेकार कर दिए जाने के बाद उन्होंने बीजेपी में लगातार जुगाड़ लगाना शुरू कर दिया था। उन्होंने बीजेपी से टिकट लेने की लगातार कोशिश की। पटना से लेकर दिल्ली तक के नेताओ से चक्कर लगाया लेकिन बीजेपी मानने को कतई तैयार नही हुई। आज बक्सर विधानसभा से बीजेपी ने आप के उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है। बीजेपी ने परशुराम चतुर्वेदी को टिकट दिया है।

पहले भी सियासत में फेल हुए है गुप्तेश्वर पांडेय

गुप्तेश्वर पांडेय एक बार पहले भी सियासत में फेल हो चुके है। इससे पहले भी साल 2009 में उन्होंने बक्सर से लोकसभा   सीट से चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस लिया था। लेकिन उस वक़्त भी बीजेपी ने गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट न देकर लाल मुनि चौबे को टिकट दे दिया था। उसके बाद गुप्तेश्वर पांडेय किसी तरह वापस अपनी नौकरी में लौटे और फिर डीजीपी के पद तक पहुँचे, लेकिन इस दफे भी किस्मत और बीजेपी दोनों ने साथ नही दिया।

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