ललन सिंह ने मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को कह डाला रावण, जनता से की अपील की इस दशहरे करिये रावण का वध

  



बिहार विधानसभा चुनाव में दिन प्रति दिन नेता एक दूसरे पर लगातार हमलावर हो रहे है। ये जुबानी जंग इतनी बढ़ गई है कि कोई भी एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कसर नही छोड़ रहा है। ऐसे में इस बार खबर बिहार के मोकामा विधानसभा सीट से आ रही है। लंबे समय से जदयू से विधायक रहे मोकामा के बाहुबली सांसद अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार को आज ललन सिंह ने रावण करार कर दिया है। ललन सिंह ने कहा कि, "मोकामा का रावण बिहार के रावणो के साथ मिल गया है, इस दफे दशहरा में रावण का वध कर दिजिये।

मोकामा में दी अनंत सिंह को चुनौती

अनंत सिंह और ललन सिंह करीब 1 दशक तक एक दूसरे के बेहद करीबी रहे थे। जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बढ़ से लोकसभा का चुनाव लड़ करते थे तब बाहुबली विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार मोकामा विधानसभा से उनके मैनेजर हुआ करते थे। बाद में जब मोकामा विधानसभा बाढ़ लोकसभा क्षेत्र में शामिल हुआ तब अनंत सिंह ललन सिंह के मैनेजर हो गए। लेकिन पीछले लोकसभा और विधानसभा के चुनाव से इनकी दुश्मनी शुरू हुई और अभी बहुत ज्यादा बढ़ गई है।


आज जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपना प्रचार शुरू किया तो चुनावों के प्रचार के पहले दिन ही मोकामा विधानसभा में अपनी पहली जनसभा की। रैली के सूत्रधार वहां के स्थानीय सांसद ललन सिंह थे। ललन सिंह और अनंत सिंह की दुश्मनी तो बिहार में जगजाहिर है।

ललन सिंह बोले रावण है अनंत सिंह

मोकामा में घोसवरी में हो रहे चुनावी महासभा में लालन सिंह ने कहा की, "मोकामा में रावण राज चल रहा है। मोकामा का रावण इस दफे उन लोगो से जाकर मिल गया है जो बिहार के रावण है। लेकिन नीतीश कुमार राम है। नीतीश कुमार ने मोकामा क्षेत्र से जिसे टिकट दिया है वो भी राम है। दोनों मिलकर इस दफे रावण का खात्मा करेंगे। 


देखा जाए तो एक अहम सवाल ये भी है की क्या सच मे लालन सिंह और नीतीश कुमार मिलकर इस दफे बाहुबली विधायक अनंत सिंह को परास्त कर भी पाएंगे। पिछले विधानसभा चुनाव 2015 में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अनंत सिंह को उम्मीदवार बनाने का विरोध किया था।तब नीतीश कुमार ने अनंत सिंह को टिकट न देकर अपने एक खास नीरज कुमार को मोकामा से टिकट दिया था। आपको बताते चले कि पिछले विधानसभा चुनावों में नीतीश कुमार और उनकी पार्टी भी महागठबंधन के तरफ से ही लड़ी थी। इसके बाद अनंत सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में कूदे थे। निर्दलीय लड़ रहे अनंत सिंह ने लालू और नीतीश दोनों का समर्थन पा कर उतरे नीरज कुमार को हर दिया था। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि इस विधानसभा से जीत कर कौन आता है।

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